SRCC शताब्दी समारोह: एलुमनाई रीयूनियन में जुटे देश के दिग्गज
वार्षिक पूर्व छात्र मिलन में स्मृतियों, संवाद और विरासत का उत्सव

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दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में रविवार को शताब्दी वर्ष समारोहों के अंतर्गत वार्षिक पूर्व छात्र मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह ऐतिहासिक अवसर एसआरसीसी परिसर को स्मृतियों, उपलब्धियों और पीढ़ियों के बीच संवाद का जीवंत केंद्र बना गया, जहां देश-विदेश से आए पूर्व छात्र एक बार फिर अपनी एलुमनाई एसोसिएशन से जुड़े।
पारंपरिक मशाल जुलूस से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

समारोह की शुरुआत पारंपरिक ‘मशाल’ जुलूस से हुई, जिसने एसआरसीसी की गौरवशाली विरासत और समकालीन पहचान को प्रतीकात्मक रूप से जोड़ा। विभिन्न दशकों के पूर्व छात्र अपने सहपाठियों, शिक्षकों और कॉलेज से दोबारा जुड़ने के लिए परिसर लौटे, जिसने उनके व्यक्तित्व और करियर को दिशा दी।
न्यायपालिका, प्रशासन, कॉरपोरेट और मीडिया जगत की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
इस अवसर पर न्यायपालिका, सरकार, सिविल सेवा, कॉरपोरेट, मीडिया और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित पूर्व छात्र एवं अतिथि उपस्थित रहे। प्रमुख हस्तियों में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अर्जुन सीकरी, इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा, पूर्व सांसद एवं मंत्री विजय गोयल, वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस अधिकारी, प्रख्यात अधिवक्ता, कॉरपोरेट जगत के शीर्ष प्रतिनिधि तथा भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़ी हस्तियां शामिल रहीं।
शताब्दी वर्ष केवल इतिहास नहीं, लोगों का उत्सव है: प्राचार्या

समारोह को संबोधित करते हुए एसआरसीसी की प्राचार्या प्रो. सिमरित कौर ने कहा कि शताब्दी वर्ष कॉलेज के इतिहास के साथ-साथ उन लोगों का भी उत्सव है, जिन्होंने इसे जीवंत पहचान दी। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों को उसी अपनत्व के साथ लौटते देखना यह दर्शाता है कि शिक्षा का प्रभाव कक्षा से कहीं आगे तक जाता है।
कॉलेज की असली ताकत उसके पूर्व छात्र हैं: गवर्निंग बॉडी अध्यक्ष

एसआरसीसी गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष अजय एस. श्रीराम ने कहा कि शताब्दी पुनर्मिलन पीढ़ियों के पार कॉलेज की निरंतर प्रासंगिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि एसआरसीसी हमेशा मजबूत मूल्यों पर आधारित नेतृत्व क्षमता विकसित करता रहा है और उसके पूर्व छात्र विभिन्न क्षेत्रों में समाज को दिशा दे रहे हैं।
पूर्व छात्र संगठन की भूमिका और भविष्य की प्रतिबद्धता
एसआरसीसी एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गिरिश आहूजा ने कहा कि यह पुनर्मिलन अलग-अलग दशकों को जोड़ने वाला मंच है, जो साझा पहचान को मजबूत करता है।
उपाध्यक्ष रवि गुप्ता ने इसे कॉलेज और पूर्व छात्रों के बीच आजीवन संबंध का प्रतीक बताया, जबकि सचिव सुशील अग्रवाल ने कहा कि आज पूर्व छात्रों की सहभागिता मार्गदर्शन, सहयोग और छात्र समर्थन तक विस्तृत हो चुकी है।
एसआरसीसी ने सोचने और जिम्मेदारी सिखाई: न्यायमूर्ति अर्जुन सीकरी

अपने अनुभव साझा करते हुए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अर्जुन सीकरी ने कहा कि एसआरसीसी ने उनके मूल्यों और पेशेवर दृष्टिकोण को गढ़ने में निर्णायक भूमिका निभाई। वहीं रजत शर्मा ने कहा कि एसआरसीसी के पूर्व छात्र अपनी स्पष्ट सोच और आत्मविश्वास के लिए पहचाने जाते हैं।
शिक्षकों और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में एसआरसीसी की प्रोफेसर डॉ. अरुणा झा, डॉ. मीशा गोयल, डॉ. रचना जावा और डॉ. सपना बंसल सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
रात्रिभोज और अनौपचारिक संवाद के साथ समापन
समारोह का समापन रात्रिभोज और अनौपचारिक संवाद के साथ हुआ, जहां विभिन्न पीढ़ियों और पेशों के बीच सार्थक बातचीत देखने को मिली।
समय से परे रहता है संस्थान और पूर्व छात्रों का संबंध


शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित यह वार्षिक पूर्व छात्र मिलन समारोह इस बात का सशक्त प्रमाण बना कि समय के साथ इमारतें और पाठ्यक्रम बदल सकते हैं, लेकिन किसी संस्थान और उसके पूर्व छात्रों के बीच का संबंध स्थायी, जीवंत और समय से परे रहता है।

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