बेटियों की शिक्षा से सशक्त होगा समाज : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
कुरुक्षेत्र के सेठ नवरंग राय लोहिया जयराम कन्या महाविद्यालय की रजत जयंती समारोह में बोले मुख्यमंत्री

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जब बेटियां शिक्षित होती हैं, तो पूरा परिवार, समाज और राष्ट्र प्रगति के मार्ग पर बढ़ता है। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान की शुरुआत की थी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सेठ नवरंग राय लोहिया जयराम कन्या महाविद्यालय जैसी संस्थाएं इसी विजन को आगे बढ़ा रही हैं और ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री मंगलवार को लोहार माजरा, कुरुक्षेत्र स्थित सेठ नवरंग राय लोहिया जयराम कन्या महाविद्यालय की रजत जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और संस्थान के 25 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित स्मारिका का विमोचन किया।

इस अवसर पर जयराम शिक्षण संस्थानों के चेयरमैन परम पूज्य ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कॉलेज के लिए 21 लाख रुपये की अनुदान राशि की घोषणा भी की।
ग्रामीण बेटियों के लिए शिक्षा का सरस्वती मंदिर
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शिक्षण संस्थान 25 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को शिक्षित और सशक्त बना रहा है। यह केवल एक कॉलेज नहीं बल्कि संघर्ष, समर्पण और सफलता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि परम पूज्य ब्रह्मलीन देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की प्रेरणा से स्वर्गीय मोहन लाल लोहिया ने अपने पिता की स्मृति में इस कॉलेज की स्थापना की थी, जब ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूकता नहीं थी। आज यह कॉलेज हजारों बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बन चुका है।
शिक्षा, खेल और संस्कृति में उपलब्धियां
उन्होंने कहा कि इस कॉलेज की छात्राओं ने शिक्षा के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, शोध और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। यहां से पढ़ी कई बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का नाम रोशन कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी संस्थाएं ही विकसित हरियाणा के निर्माण की सच्ची धरोहर हैं।
80 नए सरकारी कॉलेज, 30 केवल बेटियों के लिए
मुखयमंत्री सैनी ने बताया कि बेटियों की शिक्षा के लिए कॉलेजों की दूरी सबसे बड़ी बाधा थी। इस समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने हर 20 किलोमीटर के दायरे में कॉलेज सुनिश्चित किए हैं। पिछले 11 वर्षों में 80 नए राजकीय कॉलेज खोले गए, जिनमें 30 कॉलेज केवल लड़कियों के लिए हैं। इसके अलावा, बेटियों को 150 किलोमीटर तक रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा भी दी जा रही है।
तकनीकी शिक्षा और आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 29 कन्या आई.टी.आई. संचालित हैं, जहां छात्राओं को प्रतिमाह ₹500 वजीफा दिया जाता है। गरीब परिवारों की बेटियों के लिए सरकार ने स्नातकोत्तर तक मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था की है, जिससे सालाना ₹1.80 लाख तक आय वाले परिवारों की बेटियां लाभान्वित हो रही हैं।
बेटियों को आरक्षण और समान अवसर
पोस्ट ग्रेजुएट टीचर की भर्ती में बेटियों को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान के परिणामस्वरूप हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात 871 से बढ़कर 909 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि अब बेटियां हर क्षेत्र में प्रशासन, पुलिस, सेना, अंतरिक्ष, खेल, साहित्य, संगीत, चिकित्सा, उद्योग और न्यायपालिका अपनी पहचान बना रही हैं।
इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। -भूपिंदर सिंह

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