ब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिहिमाचल इलेक्शन
Himachal Pradesh में राजनीतिक उथल-पुथल: विधायकों को सदन से बाहर किया गया, सरकार पर बढ़ा दबाव
कांग्रेस पार्टी मंगलवार को राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी से चुनाव हार गई थी। जबकि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार है। ऐसे माहौल में कांग्रेस पार्टी की सरकार को गिरने से बचाने की खातिर कांग्रेस पार्टी को अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए प्रत्यक्ष तौर पर काफी मेहनत करनी पड़ रही है

👆भाषा ऊपर से चेंज करें
हिमाचल प्रदेश में राजनीति अपने पूरे चरम पर है। वहीं हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 15 विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया और सदन को स्थगित किया।
हिमाचल में कांग्रेस पार्टी की सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी और सरकार दोनों में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक मात्र सीट पर हुए चुनाव में 6 कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में वोट कर दिया। जिससे भाजपा के उम्मीदवार ने जीत हासिल की। जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा हो गई और कांग्रेस सरकार पर खतरा मंडराने लगा है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के स्पीकर ने आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी के 15 विधायकों को निष्कासित करते हुए कहा कि “इनका ये कृत्य असंसदीय है, जिससे इस सदन व विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंची और सदन को इन हालात में चलाना संभव नहीं है। मैं प्रस्ताव करता हूं कि निम्न सदस्यों को विधानसभा सदन से निष्कासित किया जाए, ताकि इस माननीय सदन की कार्यवाही का निष्पक्ष रूप से संचालन किया जा सके।”
जिन सदस्यों को सदन से निष्कासित किया गया है उनमें नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विपिन सिंह परमार, रणधीर शर्मा, लोकेंद्र कुमार, विनोद कुमार, हंस राज, जनक राज , बलवीर वर्मा , त्रिलोक जमवाल, सुरेंद्र शौरी, दीप राज, पूर्ण चंद, इंद्र सिंह गांधी, रणवीर सिंह, दलीप ठाकुर शामिल हैं।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और हिमाचल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधायकों के निष्कासन पर बोलते हुए कहा कि “सरकार अल्पमत में हैं, तानाशाही हो रही है, सरकार डिवीज़न ऑफ़ वोट पर बजट पारित नहीं करवा सकती, इसलिए इस तरह से बीजेपी के 15 विधायकों को निकाला गया है, हिमाचल के इतिहास में यह पहले कभी नहीं हुआ है।”

वहीं हिमाचल सरकार में कैबिनेट मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह ने अपने इस्तीफे के बाद कहा कि “हमने पार्टी का हमेशा साथ दिया है। मैं आज सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि वर्तमान समय में मेरा इस सरकार में बने रहना ठीक नहीं है। मैंने यह निर्णय लिया है कि मैं मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे रहा हूं। विक्रमादित्य सिंह ने आगे कहा कि मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मुझे एक मंत्री के तौर पर अपमानित करने का काम किया गया है, जिस तरह के संदेश विभाग में भेजे जाते हैं, हमें कमजोर करने की कोशिश की गई. सरकार सभी के सामूहिक प्रयास से बनी थी। मैं किसी भी दबाव में नहीं आने वाला।”
कांग्रेस पार्टी मंगलवार को राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी से चुनाव हार गई थी। जबकि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार है। ऐसे माहौल में कांग्रेस पार्टी की सरकार को गिरने से बचाने की खातिर कांग्रेस पार्टी को अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए प्रत्यक्ष तौर पर काफी मेहनत करनी पड़ रही है। कांग्रेस पार्टी सरकार बचाने के लिए नेतृत्व परिवर्तन पर भी विचार कर सकती हैं।
-ओम कुमार
और खबरें पढ़ने के लिए यहां Click करें:– https://dainikindia24x7.com/himachal-pradesh-congress-defeated-in-rajya-sabha-elections-bjp-won-due-to-cross-voting-16553-2/ और आप चाहें तो अपने मोबाइल पर Play Store से हमारा DAINIK INDIA 24X7 ऐप्प डाउनलोड कर सकते हैं। और X (Twitter) पर हमें follow भी कर सकते हैं।





