‘मोबाइल छोड़ो, मैदान से नाता जोड़ो’, नेशनल अकाली दल ने बच्चों को दिया स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
परमजीत सिंह पम्मा बोले—बच्चों को तकनीक के संतुलित उपयोग के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों के बेहतर विकल्प देना जरूरी।

👆भाषा ऊपर से चेंज करें
बच्चों को मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए और उन्हें खेलकूद तथा रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। यह संदेश नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने पार्टी की सोशल विंग की ओर से आयोजित विशेष जागरूकता अभियान के दौरान दिया।
बच्चों में मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते इस्तेमाल के प्रति जागरूकता फैलाने तथा उन्हें मैदानी खेलों, कला और दूसरी रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को विभिन्न खेलों की सामग्री, पेंटिंग का सामान और अन्य उपयोगी वस्तुएं वितरित की गईं। अभियान के माध्यम से ‘मोबाइल छोड़ो, मैदान से नाता जोड़ो’ और ‘खेलो इंडिया, स्वस्थ इंडिया’ का संदेश दिया गया।
नेशनल अकाली दल की सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में परमजीत सिंह पम्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बच्चों और अन्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों को दौड़, खो-खो, लूडो, शतरंज और पेंटिंग जैसी गतिविधियों से जोड़कर यह समझाने का प्रयास किया गया कि मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग के अलावा भी मनोरंजन, सीखने और अपनी प्रतिभा को निखारने के अनेक सकारात्मक माध्यम मौजूद हैं।
खेलकूद से बच्चों में विकसित होती है अनुशासन और टीम भावना : पम्मा

परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके स्वस्थ, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें सही दिशा देना सभी की जिम्मेदारी है। आज बच्चों के बीच मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग का अत्यधिक इस्तेमाल चिंता का विषय है। ऐसे में बच्चों को तकनीक से पूरी तरह दूर करने के बजाय उसका संतुलित उपयोग सिखाना और उन्हें खेलकूद तथा रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया, स्वस्थ इंडिया’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि बच्चों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का संदेश है। ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल से बचाने के लिए बच्चों को केवल समझाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें खेलकूद और मनोरंजन के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।
पम्मा ने कहा कि जब बच्चे मैदान में अपने दोस्तों के साथ खेलते हैं, दौड़ लगाते हैं और खो-खो जैसी गतिविधियों में भाग लेते हैं, तो उन्हें शारीरिक रूप से सक्रिय रहने और आपसी सहयोग सीखने का अवसर मिलता है। वहीं, शतरंज और पेंटिंग जैसी गतिविधियां उनकी एकाग्रता, सोचने की क्षमता और कल्पनाशक्ति को बढ़ावा देने में सहायक होती हैं।
उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे बच्चों को पर्याप्त समय दें और उन्हें मोबाइल के साथ-साथ वास्तविक दुनिया की गतिविधियों से जुड़ने के अवसर प्रदान करें। बच्चों को पढ़ाई, खेलकूद और रचनात्मक कार्यों के बीच संतुलन बनाना सिखाना उनके समग्र विकास के लिए जरूरी है।
बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना अभियान का उद्देश्य : रश्मीत कौर बिंद्रा
सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल के संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। बच्चों को खेल सामग्री, पेंटिंग का सामान और अन्य उपयोगी वस्तुएं वितरित करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उन्हें खेलकूद, कला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। इससे बच्चे अपनी प्रतिभा को पहचान सकेंगे और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ पाएंगे।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भी बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल से बचाने, मोबाइल के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करने और उन्हें मैदान में खेलने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग
इस अवसर पर नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय सचिव विक्रांत मोहन, महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष भावना धवन, एआर बीडी (आर) रामगढ़िया बोर्ड दिल्ली के अध्यक्ष त्रिलोचन सिंह कुंडल, सचिव अवतार सिंह भुर्जी, बलबीर सिंह नामधारी, जगजीत सिंह, सुनीता अरोड़ा और रिदम चड्ढा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शामिल कुछ पदाधिकारियों ने ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई।
प्रदीप सिंह, जसबीर सिंह कालसी, हरप्रीत सिंह और गुरजीत सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
नेशनल अकाली दल ने कहा कि बच्चों में स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना, उनकी प्रतिभा को पहचानना और उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। आयोजकों ने परिवारों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करने की अपील की। दल ने भविष्य में भी जनहित से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाने तथा बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और रचनात्मक विकास के लिए ऐसे प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

Stay Updated with Dainik India 24×7!
Follow us for real-time updates:




