CA में नहीं मिली सफलता तो बदली राह, किसान के बेटे राजीव कुशवाहा बने MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर
रायसेन के किसान परिवार से निकलकर राजीव कुशवाहा ने CA की तैयारी से लेकर UGC NET-JRF और MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर तक का सफर तय किया। कई असफल प्रयासों के बाद भी उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और आखिरकार MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉमर्स) परीक्षा-2024 की मेरिट सूची में स्थान हासिल किया।

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भोपाल, संवाददाता।
रायसेन के किसान परिवार से निकलकर राजीव कुशवाहा ने CA की तैयारी से लेकर UGC NET-JRF और MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर तक का सफर तय किया। कई असफल प्रयासों के बाद भी उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और आखिरकार MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉमर्स) परीक्षा-2024 की मेरिट सूची में स्थान हासिल किया।
रायसेन, 22 सितंबर 2026। जिंदगी में हर सपना पहली कोशिश में पूरा हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार असफलता ही इंसान को एक नई दिशा देती है। रायसेन जिले के ग्राम उषापुर के किसान परिवार से आने वाले राजीव कुशवाहा की सफलता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनने का सपना देखा और इसके लिए कई प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अपना लक्ष्य बदला, मगर मेहनत और पढ़ाई का सिलसिला जारी रखा। आखिरकार उन्होंने MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉमर्स) परीक्षा-2024 में चयन हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया।
नवोदय विद्यालय से मिली संघर्ष और अनुशासन की सीख
राजीव कुशवाहा के पिता निर्भय सिंह सिलवानी तहसील के ऊषापुर गांव में किसान हैं। राजीव ने कक्षा छठी से बारहवीं तक जवाहर नवोदय विद्यालय, बाड़ी में पढ़ाई की। नवोदय विद्यालय में शिक्षा के साथ उन्हें अनुशासन, आत्मनिर्भरता और कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने की सीख मिली।
राजीव के मुताबिक, इसी दौरान उनके मन में यह बात बैठ गई कि परिस्थितियां कैसी भी हों, हार नहीं माननी है और मंजिल मिलने तक प्रयास करते रहना है।
12वीं के बाद उन्होंने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से बीकॉम और एमकॉम (फाइनेंस) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की तैयारी शुरू की। उन्होंने CA-CPT और CA-IPCC ग्रुप-1 की परीक्षा भी पास की, लेकिन कई प्रयासों के बाद CA की तैयारी छोड़नी पड़ी।
यह उनके लिए चुनौतीपूर्ण दौर था, लेकिन उन्होंने पढ़ाई से दूरी बनाने के बजाय अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार नया रास्ता तलाशना शुरू किया।
UGC NET से MPPSC तक तय किया सफलता का सफर
कॉमर्स विषय में अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए राजीव ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया। उन्होंने UGC NET की तैयारी शुरू की और पांच बार NET क्वालीफाई किया। जून 2026 में उन्होंने कॉमर्स विषय में NET-JRF भी हासिल किया।
राजीव बताते हैं कि CA की तैयारी के दौरान पढ़े गए विषय और अध्ययन सामग्री ने आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी उनकी काफी मदद की।
इसके बाद उन्होंने MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा-2022 में हिस्सा लिया। वह लिखित परीक्षा और इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। इस असफलता के बाद भी उन्होंने तैयारी जारी रखी।
सेल्फ स्टडी और मॉक इंटरव्यू को बनाया सफलता का आधार
MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा की अगली तैयारी में राजीव ने सेल्फ स्टडी पर विशेष ध्यान दिया। लिखित परीक्षा की तैयारी उन्होंने स्वयं अध्ययन के माध्यम से की, जबकि इंटरव्यू की तैयारी के लिए दोस्तों के साथ चर्चा और मॉक इंटरव्यू का सहारा लिया।
लगातार प्रयास और बेहतर तैयारी का परिणाम आखिरकार सामने आया। MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉमर्स) परीक्षा-2024 की मेरिट सूची में राजीव कुशवाहा का चयन हुआ।
असफलता अंत नहीं, अगली कोशिश का अनुभव है

राजीव अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और दोस्तों के सहयोग को देते हैं। किसान परिवार से निकलकर CA बनने का सपना देखने, कई प्रयासों के बाद दिशा बदलने, UGC NET और NET-JRF हासिल करने और अंततः MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर बनने तक का उनका सफर संघर्ष और निरंतर प्रयास की मिसाल है।
राजीव की कहानी उन युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देती है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार प्रयास के बावजूद सफलता हासिल नहीं कर पा रहे हैं। उनका अनुभव बताता है कि एक परीक्षा में असफल होना पूरी यात्रा का अंत नहीं होता। असफलता से सीख लेकर रणनीति बदली जाए और प्रयास जारी रखा जाए तो नई मंजिल हासिल की जा सकती है।

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