चुनाव (Election)राजनीति
झारखंड में विधानसभा चुनाव 13 और 20 नवंबर को दो चरणों में मतदान
वर्तमान में झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को खत्म हो रहा है। पिछले 5 साल से झारखंड में जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी की गठबंधन सरकार चल रही है

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-ओम कुमार
झारखंड में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गई है। प्रदेश में कुल 81 विधानसभा सीटें हैं जिसके लिए 2 चरणों में मतदान होंगे। 13 नवंबर और 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होंगे। चुनाव के परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। झारखंड में विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को समाप्त हो रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव कार्यक्रम का ऐलान करते हुए कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए प्रथम चरण के लिए गैजेट नोटिफिकेशन 18 अक्टूबर को जारी होंगे। 25 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकता है। 28 अक्टूबर को स्क्रूटनी होगी। 30 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले सकता है। 13 नवंबर को प्रथम चरण के लिए मतदान होंगे।
वहीं दूसरे चरण के लिए 22 अक्टूबर को गैजेट नोटिफिकेशन जारी किए जाएंगे। 29 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकता हैं। 30 अक्टूबर को स्क्रूटनी होगी। 1 नवंबर तक उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 20 नवम्बर को दूसरे चरण के लिए मतदान होंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि “झारखंड में 24 जिले की 81 सीटें हैं, इनमें से 44 सीटें सामान्य श्रेणी की हैं। अनुसूचित जाति के लिए 9 और अनुसूचित जनजाति के लिए 28 सीटें आरक्षित हैं। झारखंड राज्य में कुल 2.06 करोड़ मतदाता है। कुल 29,562 बूथ बनाए जाएंगे। इनमें से 5042 शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 24,520 होगी। एक बूथ पर औसत 881 वोटर्स मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। 1271 बूथों का प्रबंधन महिलाओं के हाथ होगा।

साल 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में 18 से 19 वर्ष के युवा 11 लाख 84 हजार मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। वहीं 20 से 29 साल के युवा मतदाताओं की संख्या 66 लाख 84 हजार है। झारखंड में 2.53 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। सभी मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जबकि निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में मतदान कराने के लिए सुरक्षा के आवश्यक और पुख्ता इंतजाम किए गए है।
वर्तमान में झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को खत्म हो रहा है। पिछले 5 साल से झारखंड में जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी की गठबंधन सरकार चल रही है। इस दौरान करीब साढ़े चार साल तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार चली, जबकि कुछ महीने तक जेएमएम के पूर्व नेता चंपाई सोरेन ने मुख्यमंत्री का पद संभाला था। लेकिन मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद चंपाई सोरेन ने जेएमएम से इस्तीफा दे दिया था और बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।
साल 2019 के विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के गठबंधन ने राज्य की 81 में से 47 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 25 सीटों पर ही जीत हासिल करने में सफल हो पाई थी। जेएमएम नेता हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बने और 4 साल से अधिक समय तक सरकार चलाने के बाद कथित जमीन घोटाले में जनवरी 2024 में उन्हें जेल जाने से पहले इस्तीफा देना पड़ा। जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा मुख्यमंत्री बन गए हैं।
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