दुनिया (International)देश (National)पर्यटनबहुत खूबबिज़नेस

अमेज़न और टाटा मोटर्स की बड़ी साझेदारी, भारत में 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक उतारने की तैयारी

दिल्ली से शुरू होगी तैनाती, दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई माल ढुलाई गलियारे तक विस्तार की योजना; स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर।

👆भाषा ऊपर से चेंज करें

भारत में इलेक्ट्रिक माल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में अमेज़न और टाटा मोटर्स ने एक बड़ी साझेदारी की घोषणा की है। दोनों कंपनियों के मुताबिक, इस साझेदारी के तहत अमेज़न के परिवहन नेटवर्क में 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक शामिल करने की योजना है। प्रस्तावित तैनाती को कंपनी ने भारत में किसी ई-कॉमर्स कंपनी के परिवहन नेटवर्क में इलेक्ट्रिक ट्रकों की सबसे बड़ी तैनाती बताया है।

इस योजना की शुरुआत दिल्ली से होगी। इसके बाद इलेक्ट्रिक ट्रकों का परिचालन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और लंबी दूरी के माल ढुलाई मार्गों तक बढ़ाने की योजना है। हालांकि, पूरे बेड़े की तैनाती की समयसीमा, चरणवार संख्या और वास्तविक परिचालन प्रगति के बारे में उपलब्ध घोषणा में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

दिल्ली से शुरू होगी इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती

कंपनियों की घोषणा के अनुसार, टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक ट्रकों के पहले जत्थे को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, अमेज़न के वरिष्ठ अधिकारी अभिनव सिंह और किशोर लंका तथा टाटा मोटर्स के अधिकारी सुशांत नाइक और राजेश कौल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

इस साझेदारी के तहत टाटा मोटर्स अमेज़न की परिवहन जरूरतों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रक उपलब्ध कराएगी। अमेज़न के परिवहन सहयोगी इन वाहनों के मालिक होंगे और उनका संचालन करेंगे। यानी वाहनों की आपूर्ति और उनके वास्तविक परिचालन की जिम्मेदारी अलग-अलग पक्षों के पास होगी।

अमेज़न के अनुसार, शुरुआती चरण में टाटा मोटर्स के हल्के और मध्यम श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों को कंपनी के मिडिल-माइल नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। मिडिल-माइल परिवहन में वितरण केंद्रों, छंटाई केंद्रों और अन्य लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के बीच सामान ले जाना शामिल होता है।

दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर पर विस्तार की योजना

अमेज़न ने इलेक्ट्रिक ट्रकों के परिचालन को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के साथ दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई मार्ग पर लगभग 2,800 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को इलेक्ट्रिक माल परिवहन के लिए विकसित करने की योजना बताई है।

कंपनी के मुताबिक, यह मार्ग सात राज्यों से होकर गुजरता है और देश के प्रमुख ई-कॉमर्स बाजारों को जोड़ता है। इस कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक ट्रकों का नियमित परिचालन शुरू करने के लिए चार्जिंग सुविधाओं का विकास भी जरूरी होगा।

घोषणा के अनुसार, इस काम में याहवी के सहयोग से तैयार किए जा रहे चार्जिंग हब मदद करेंगे। हालांकि, पूरे मार्ग पर आवश्यक चार्जिंग क्षमता, केंद्रों की चरणवार शुरुआत और इलेक्ट्रिक ट्रकों की निर्धारित परिचालन समयसीमा के बारे में विस्तृत आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

इसलिए कॉरिडोर को इलेक्ट्रिक बनाने की योजना को प्रस्तावित विस्तार के रूप में देखना उचित होगा, न कि पूरे मार्ग पर इलेक्ट्रिक परिचालन पहले से शुरू हो जाने के प्रमाण के रूप में।

दिल्ली की ईवी नीति और ट्रकों के प्रवेश संबंधी प्रावधान

घोषणा में दिल्ली की 2026 इलेक्ट्रिक वाहन नीति का भी उल्लेख किया गया है। इसके मुताबिक, नीति लागू होने के बाद शुरुआती तीन महीनों में पंजीकृत होने वाले पहले 1,000 निजी मध्यम श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों को 10 वर्षों तक दिन के किसी भी समय शहर में प्रवेश की अनुमति देने का प्रावधान है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन देना बताया गया है। हालांकि, इस सुविधा की वास्तविक पात्रता, प्रभावी तिथि और लागू शर्तों की पुष्टि संबंधित सरकारी अधिसूचना से की जानी चाहिए। केवल कंपनी की घोषणा के आधार पर नीति के सभी कानूनी प्रावधानों को अंतिम रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

यह पहल केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना और वाहन एवं बैटरी विनिर्माण से संबंधित प्रोत्साहन योजनाओं के व्यापक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। फिर भी, इन योजनाओं के तहत किसी विशेष ट्रक या परियोजना को मिलने वाले लाभ की पुष्टि अलग से आवश्यक होगी।

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक माल परिवहन को बताया महत्वपूर्ण कदम

केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मंत्री के अनुसार, टाटा मोटर्स और अमेज़न की साझेदारी भारत में निर्मित इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए बड़े परिवहन नेटवर्क से मांग पैदा करने की क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने पीएम ई-ड्राइव, ऑटोमोबाइल क्षेत्र की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना और उन्नत रसायन सेल बैटरी से संबंधित योजनाओं के जरिए सरकार के समर्थन का भी उल्लेख किया।

ये टिप्पणियां सरकार की नीति संबंधी प्राथमिकताओं और उद्योग जगत की अपेक्षाओं को दर्शाती हैं। हालांकि, साझेदारी से देश में इलेक्ट्रिक ट्रकों की कुल संख्या या उत्सर्जन में कितना बदलाव आएगा, इसका आकलन वास्तविक तैनाती के आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकेगा।

दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता के लिहाज से पहल को अहम बताया

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रिक माल परिवहन को बढ़ावा देना राजधानी में परिवहन संबंधी उत्सर्जन कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

उन्होंने इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन और चार्जिंग ढांचे के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि उद्योग जगत और सरकार के सहयोग से टिकाऊ शहरी लॉजिस्टिक्स को गति दी जा सकती है।

इलेक्ट्रिक ट्रकों के इस्तेमाल से उनके संचालन के दौरान निकास पाइप से होने वाला उत्सर्जन समाप्त किया जा सकता है। हालांकि, इससे दिल्ली की समग्र वायु गुणवत्ता पर कितना असर पड़ेगा, यह ट्रकों की वास्तविक संख्या, उनके द्वारा तय की गई दूरी, प्रतिस्थापित डीजल वाहनों और बिजली उत्पादन सहित कई कारकों पर निर्भर करेगा।

अमेज़न का 2040 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य

अमेज़न के एशिया-प्रशांत, मध्य पूर्व, अफ्रीका और तुर्किये क्षेत्र के परिचालन उपाध्यक्ष अभिनव सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में शामिल करना कंपनी के 2040 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने के लक्ष्य का हिस्सा है।

कंपनी के अनुसार, भारत के 500 से अधिक शहरों में उसकी 15,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियां परिचालन में हैं। यह आंकड़ा अमेज़न की ओर से दिया गया है; इसमें शामिल वाहनों की श्रेणियों और गणना की पद्धति का विस्तृत विवरण घोषणा में उपलब्ध नहीं है।

सिंह ने कहा कि कंपनी परिवहन सहयोगियों और चालकों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को आसान बनाने के उद्देश्य से चार्जिंग ढांचे और अन्य समाधानों पर काम कर रही है। टाटा मोटर्स के साथ नई साझेदारी को उन्होंने इलेक्ट्रिक ट्रकिंग का विस्तार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

यहां यह अंतर समझना जरूरी है कि नेट जीरो एक व्यापक जलवायु लक्ष्य है, जबकि इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती उस लक्ष्य की दिशा में उठाया गया एक कदम है। इस साझेदारी से अमेज़न के कुल उत्सर्जन में होने वाली संभावित कमी का आकलन करने के लिए अतिरिक्त परिचालन और उत्सर्जन संबंधी आंकड़ों की आवश्यकता होगी।

टाटा मोटर्स के अल्ट्रा E.7 इलेक्ट्रिक ट्रक की विशेषताएं

घोषणा में टाटा मोटर्स के अल्ट्रा E.7 इलेक्ट्रिक ट्रक का उल्लेख किया गया है। कंपनी के मुताबिक, इस वाहन में एकीकृत ई-एक्सल, सीसीएस2 फास्ट चार्जिंग, पुनर्योजी ब्रेकिंग और उच्च वोल्टेज सुरक्षा प्रणाली से लैस केबिन जैसी सुविधाएं हैं।

कंपनी ने वाहन को माल ढुलाई की जरूरतों के लिए तैयार किया गया विकल्प बताया है। इसकी प्रमुख बताई गई विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • सीसीएस2 फास्ट चार्जिंग: उपयुक्त चार्जिंग स्टेशन और वाहन की समर्थित क्षमता के अनुसार चार्जिंग की सुविधा।
  • पुनर्योजी ब्रेकिंग: ब्रेक लगाने के दौरान कुछ ऊर्जा को दोबारा उपयोग के लिए प्राप्त करने वाली प्रणाली।
  • उच्च वोल्टेज सुरक्षा: इलेक्ट्रिक वाहन के विद्युत तंत्र से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए सुरक्षा सुविधाएं।
  • दुर्घटना-परीक्षित केबिन: कंपनी के अनुसार, वाहन में नई पीढ़ी का क्रैश-टेस्टेड केबिन दिया गया है।

हालांकि, वाहन की वास्तविक रेंज, बैटरी क्षमता, चार्जिंग समय, पेलोड और विभिन्न मार्गों पर परिचालन लागत जैसे आंकड़े उपलब्ध घोषणा में विस्तार से नहीं दिए गए हैं। इसलिए इन मानकों पर डीजल ट्रकों के मुकाबले इसकी श्रेष्ठता का निष्कर्ष निकालने के लिए स्वतंत्र परीक्षण या विस्तृत तकनीकी आंकड़ों की जरूरत होगी।

इलेक्ट्रिक ट्रक की कुल लागत का आकलन केवल खरीद मूल्य से नहीं किया जा सकता। इसमें बिजली की कीमत, चार्जिंग व्यवस्था, रखरखाव, बैटरी का जीवनकाल, वाहन का उपयोग और परिचालन में लगने वाला समय भी शामिल होता है।

चार्जिंग नेटवर्क और अन्य पहलों से जोड़ने की कोशिश

अमेज़न के मुताबिक, याहवी की ओर से देशभर में विकसित किए गए 10 चार्जिंग यार्ड उसके परिवहन नेटवर्क के विद्युतीकरण में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, इन केंद्रों की उपलब्ध क्षमता, स्थानों और 3,000 ट्रकों की प्रस्तावित जरूरतों को पूरा करने की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

कंपनी ने सी40 सिटीज के साथ चलाए गए लेनशिफ्ट कार्यक्रम का भी उल्लेख किया है। इस कार्यक्रम के तहत बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक ट्रकों का परीक्षण किया गया था। अमेज़न के अनुसार, इस पहल ने शून्य निकास उत्सर्जन वाले ट्रकों के विस्तार के लिए प्रमाण आधारित रोडमैप तैयार करने में योगदान दिया।

इसके अलावा, द क्लाइमेट प्लेज ने सुपरईवी नामक एक डिजिटल मंच शुरू किया है। कंपनी के मुताबिक, इसका उद्देश्य वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने वालों को चार्जिंग, वाहन, वित्तपोषण और नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित विकल्पों तक एक ही जगह पहुंच उपलब्ध कराना है।

इन पहलों का वास्तविक प्रभाव उनके उपयोग, उपलब्ध सुविधाओं और व्यावसायिक परिवहन की जरूरतों के अनुरूप समाधान मिलने पर निर्भर करेगा।

क्या 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों से माल परिवहन में बड़ा बदलाव आएगा?

अमेज़न और टाटा मोटर्स की प्रस्तावित साझेदारी भारत में इलेक्ट्रिक माल परिवहन के विस्तार की संभावनाओं को रेखांकित करती है। बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक ट्रकों का नियमित परिचालन शुरू करने के लिए केवल वाहन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं होगा। चार्जिंग नेटवर्क, वाहन की रेंज, माल ढुलाई क्षमता, परिचालन लागत, रखरखाव और चार्जिंग में लगने वाले समय जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण होंगे।

यदि प्रस्तावित तैनाती तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो इससे इलेक्ट्रिक ट्रकों के व्यावसायिक उपयोग के बारे में अधिक परिचालन अनुभव और आंकड़े उपलब्ध हो सकते हैं। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि किन मार्गों और परिस्थितियों में इलेक्ट्रिक ट्रक पारंपरिक वाहनों का व्यावहारिक विकल्प बन सकते हैं।

फिलहाल, 3,000 ट्रकों की संख्या को प्रस्तावित तैनाती के रूप में देखना चाहिए। इस साझेदारी से होने वाले वास्तविक आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों का आकलन तभी अधिक स्पष्ट होगा, जब तैनाती की प्रगति, तय की गई दूरी, बिजली की खपत और उत्सर्जन में दर्ज बदलाव से संबंधित आंकड़े उपलब्ध होंगे।

अमेज़न और टाटा मोटर्स की यह साझेदारी भारत में इलेक्ट्रिक माल परिवहन को बड़े स्तर पर अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक पहल है। इसकी सफलता का आकलन घोषित लक्ष्य के बजाय वास्तविक तैनाती, परिचालन प्रदर्शन और मापे गए पर्यावरणीय परिणामों के आधार पर किया जाना चाहिए।

और अधिक खबरें पढ़ने के लिए यहां Click करें।

आप चाहें तो अपने मोबाइल पर Play Store से हमारा DAINIK INDIA 24X7 ऐप्प डाउनलोड कर सकते हैं।
🌟 Stay Updated with Dainik India 24×7!

Get the latest news on politics, entertainment, sports, and more right at your fingertips!

👉 Follow us for real-time updates:

Join our community and stay informed!
Tags

Related Articles

Back to top button
Close