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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान का जन्मोत्सव डिजिटल कुशवाहास संगठन द्वारा पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रविवार को भव्य चार पहिया वाहन रैली निकाली गई, जिसमें 350 से अधिक वाहन शामिल हुए। प्रदेशभर से कुशवाहा समाज के पदाधिकारी, समाजसेवी और बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु इस आयोजन में शामिल हुए।
प्रमुख मार्गों से गुजरी रैली, अटल पथ पर हुआ समापन
सम्राट अशोक को समर्पित यह विशाल रैली अशोका गार्डन से प्रारंभ होकर प्रभात चौराहा, प्रेस कॉम्पलेक्स, बोर्ड ऑफिस चौराहा, लिंक रोड नंबर-1 होते हुए प्लेटिनम प्लाजा चौराहा पहुंची और अंत में अटल पथ पर समाप्त हुई। समापन अवसर पर आयोजित जनसभा में विभिन्न वक्ताओं ने अपने प्रेरक विचार व्यक्त किए। रैली के दौरान जगह-जगह सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
सम्राट अशोक के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

डिजिटल कुशवाहास के संस्थापक एवं अध्यक्ष विक्रम सिंह कुशवाहा ने कहा कि सम्राट अशोक के शासनकाल में अखंड भारत की पहचान स्थापित हुई थी। आज भी भारतीय राष्ट्रध्वज में अशोक चक्र उनके गौरव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य सम्राट अशोक के आदर्शों और उनके विराट व्यक्तित्व को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है।
सरकार को सौंपा गया मांग पत्र
कार्यक्रम के दौरान संगठन द्वारा शासन को एक मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं—
- सम्राट अशोक जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए
- उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना हो
- भोपाल में बन रहे स्वागत द्वारों में एक द्वार सम्राट अशोक को समर्पित किया जाए
युवाओं के लिए शुरू होगी आईएएस एकेडमी

संगठन के संरक्षक लोकमन कुशवाहा ने बताया कि समाज के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश स्तर पर आईएएस एकेडमी शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य कुशवाहा, मौर्य, शाक्य, सैनी और माली समाज के प्रतिभाशाली छात्रों को मार्गदर्शन देना है।
समाजसेवियों का सम्मान और नई नियुक्तियां
इस अवसर पर ग्वालियर स्थित सिविल सर्विसेज एकेडमी के संचालक कपिल कुशवाहा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में नीलम कुशवाहा को महिला प्रकोष्ठ का प्रदेशाध्यक्ष तथा ऊषा कुशवाहा को भोपाल जिला महिला विंग की अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
भव्य रैली में अनुशासन और आकर्षण का संगम
रैली में सजे-धजे वाहन, झंडे-बैनर और सम्राट अशोक का रथ मुख्य आकर्षण रहे। आयोजन के दौरान ट्रैफिक नियमों और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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