मेरे अलफ़ाज़/कवितासाहित्य

International Mother Language Day: भारतीय भाषाई विविधता का उत्सव, साहित्य और संस्कृति का संगम

साहित्य अकादेमी का भव्य बहुभाषी कवि सम्मेलन, 22 भारतीय भाषाओं के रचनाकारों ने किया काव्य पाठ, दिविक रमेश ने की अध्यक्षता

👆भाषा ऊपर से चेंज करें

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर साहित्य अकादेमी द्वारा एक भव्य बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात हिंदी कवि दिविक रमेश ने की। इस अवसर पर 22 भारतीय भाषाओं के रचनाकारों ने अपनी कविताएँ, गीत और ग़ज़लें प्रस्तुत कर भाषाई विविधता का उत्सव मनाया।

मातृभाषाएं मानवता के लिए वरदान : दिविक रमेश

अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में दिविक रमेश ने कहा कि मातृभाषाएं सांस्कृतिक विविधता को आगे बढ़ाती हैं, इसलिए उनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा हमारे हृदय की गहराइयों को अभिव्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि मातृभाषाएं मानवता को बचाने का वरदान हैं और हमें अपनी मातृभाषा के साथ-साथ अन्य भाषाओं का भी समान सम्मान करना चाहिए। उन्होंने भाषाओं को सशक्त बनाने के लिए परस्पर अनुवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। अंत में उन्होंने अपनी कविता ‘बहुत कुछ है अभी’ का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

विविध विषयों पर गूंजा काव्य पाठ

कार्यक्रम में उपस्थित कवियों ने अपनी-अपनी मातृभाषाओं में काव्य पाठ किया। कविताओं में बचपन की स्मृतियां, प्रकृति, माता-पिता, चिड़िया, बर्फ और समकालीन सामाजिक समस्याओं जैसे विषय प्रमुख रहे। कुछ रचनाकारों ने अपनी कविताएँ सस्वर प्रस्तुत कीं, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा।

दिवंगत साहित्यकारों को दी गई श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान हाल ही में दिवंगत हुए साहित्य अकादेमी के बोडो भाषा संयोजक तारेन चौ. बर’, बाङ्ला भाषा के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त लेखक शंकर तथा हिंदी बाल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित देवेंद्र कुमार को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इन कवियों ने किया काव्य पाठ

कार्यक्रम में रत्नोत्तमा दास (असमिया), कौशिक सेन (बाङ्ला), किरण बर’ (बोडो), काजल सूरी (डोगरी), अम्लान ज्योति गोस्वामी (अंग्रेजी), भाग्येंद्र पटेल (गुजराती), रमेश अरोली (कन्नड), रविंदर कौल ‘रवि’ (कश्मीरी), लीलेश वा. कुडाळकार (कोंकणी), निवेदिता झा (मैथिली), सिंधु सुरेश (मलयाळम्), मिसना चानू (मणिपुरी), जीवन प्रकाश तलेगांवकर (मराठी), हर्क बहादुर लामगादे (नेपाली), बिरजा महापात्र (ओड़िआ), अर्कमल कौर (पंजाबी), प्रमोद कुमार शर्मा (संस्कृत), सरोजिनी बेसरा (संताली), मोहिनी हिंगोराणी (सिंधी), विनीता एसआर (तमिळ), दत्तैया अत्तेम (तेलुगु) एवं मोईन शादाब (उर्दू) ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं।

कार्यक्रम का संचालन उपसचिव (प्रशासन) एन. सुरेश बाबु ने किया।

और अधिक खबरें पढ़ने के लिए यहां Click करें।
आप चाहें तो अपने मोबाइल पर Play Store से हमारा DAINIK INDIA 24X7 ऐप्प डाउनलोड कर सकते हैं।
🌟 Stay Updated with Dainik India 24×7!

Get the latest news on politics, entertainment, sports, and more right at your fingertips!

👉 Follow us for real-time updates:

Join our community and stay informed!
Tags

Related Articles

Back to top button
Close