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Russia-Ukraine War: शेयर बाजार में 13.4 लाख करोड़ रु. डूबे, सेंसेक्स 2700 और निफ्टी 800 अंक से ज्यादा लुढ़का

बीएसई में कुल 3,478 कंपिनयों में ट्रेडिंग हुई, इसमें से करीब 236 शेयर तेजी के साथ और 3,155 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

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रूस-यूक्रेन जंग (Russia-Ukraine War) के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में तबाही देखने को मिली। शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ क्लोजिंग हुई और निवेशकों के 13.4 लाख करोड़ रुपए डूब गए। सेंसेक्स (BSE) करीब 2702.15 अंक की गिरावट के साथ 54529.91 अंक के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 815.30 अंक की गिरावट के साथ 16248.00 अंक के स्तर पर क्लोज हुआ। आज बीएसई में कुल 3,478 कंपिनयों में ट्रेडिंग हुई, इसमें से करीब 236 शेयर तेजी के साथ और 3,155 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। बैंक निफ्टी के सभी 12 शेयर में भी जबरदस्त गिरावट देखी गई। प्री-ओपनिंग में ही बाजार 3% से ज्यादा टूट गया।

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इसके अलावा 87 कंपनियों के शेयर के दाम में कोई अंतर नहीं आया। वहीं, 72 स्टॉक 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर बंद हुए हैं। इसके अलावा 279 स्टॉक अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर पर बंद हुए। इसके अलावा आज 98 शेयर में अपर सर्किट और 1,067 शेयर में लोअर सर्किट लगा। बाजार में आई गिरावट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि A ग्रूप का कोई भी शेयर बढ़त के साथ बंद नहीं हो पाया। इसके अलावा आज शाम को डॉलर के खिलाफ रुपया 1.10 रुपये की कमजोरी के साथ 75.65 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।  Read More: रूस के हमले में 40 जवानों की मौत, राष्ट्रपति जेलेंस्की बोले- झुकेंगे नहीं

Nifty के टॉप लूजर
टाटा मोटर्स का शेयर करीब 49 रुपये टूटकर 427.95 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। यूपीएल का शेयर करीब 56 रुपये नीचे 632.30 रुपये के स्तर पर आ गया। इंडसइंड बैंक का शेयर करीब 75 रुपये की गिरावट के साथ 875.65 रुपये पर आ गया। ग्रेसिम का शेयर करीब 125 रुपये की गिरावट के साथ 1,544.35 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। जेएसडब्लू स्टील का शेयर करीब 45 रुपये नीचे 569.35 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।

क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार
उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। यूक्रेन पर रशियन अटैक के कारण तेल के दाम आसमान पर हैं। 2014 के बाद पहली बार क्रूड के भाव 100 डॉलर पर पहुंचे हैं। ट्रेडर्स को डर है कि रूस पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, जिससे तेल एक्सपोर्ट करने की उसकी क्षमता पर असर पड़ेगा। इससे ऑयल सप्लाई में परेशानियां बढ़ती जाएंगी।

अभी हालात ठीक होने का इंतजार करें
रूस के प्रेसिडेंट Vladimir Putin ने गुरुवार को एक टेलीविजन संदेश में पूर्वी यूक्रेन में मिलिट्री ऑपरेशन का ऐलान किया। इससे एक दिन पहले ही रूस ने पूर्वी यूक्रेन के 2 अलग-अलग इलाकों को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी थी। बाजार के जानकारों का कहना है कि यूक्रेन संकट के कारण ग्लोबल स्ट़ॉक मार्केट करेक्शन में मूड में हैं। ऐसे में कोई बड़ा निवेश करने से पहले वेट एंड वॉच के मोड में रहना चाहिए और जंग के हालात थमने का इंतजार करना चाहिए।

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