पीपी सर की तृतीय पुण्यतिथि पर Sage University भोपाल में मीडिया मास्टरक्लास
AI, डिजिटल मीडिया और जनसंपर्क के बदलते परिदृश्य पर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिए करियर और तकनीक से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव

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भोपाल। भारतीय पत्रकारिता, जनसंचार और मीडिया शिक्षण के क्षेत्र में हजारों पत्रकारों एवं मीडिया विशेषज्ञों के मार्गदर्शक रहे स्वर्गीय पुष्पेंद्र पाल सिंह ‘पीपी सर’ की तृतीय पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर सेज यूनिवर्सिटी, भोपाल के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में शुक्रवार को मीडिया और जनसंपर्क के विद्यार्थियों के लिए ‘चेंजिंग लैंडस्केप ऑफ मीडिया एंड पीआर’ विषय पर एक विशेष एकेडमिक मास्टर क्लास का आयोजन किया गया।
पीपी सर के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मीडिया क्षेत्र के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को मीडिया और जनसंचार में नई तकनीकों के उपयोग, डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप और करियर के नए अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मास्टरक्लास में दैनिक भास्कर के एडिटर (एमपी-1) राजीव शर्मा ने “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस तरह मीडिया को बदल रहा है” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने पत्रकारिता के कार्य को पहले की तुलना में अधिक सरल और तेज बना दिया है। AI की मदद से डेटा एनालिसिस तेजी से किया जा सकता है और कंटेंट निर्माण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो गई है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि AI का प्रभावी उपयोग करने के लिए सही प्रॉम्प्ट लिखने की कला सीखना बेहद आवश्यक है। AI आज पत्रकारों को इमेज जनरेशन, टेक्स्ट क्रिएशन और फैक्ट-चेकिंग जैसे कई उपयोगी टूल्स उपलब्ध करा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि AI से पत्रकारों के रोजगार को खतरा नहीं है, क्योंकि पाठकों को आज भी ग्राउंड रिपोर्ट, इन-डेप्थ स्टोरी और एक्सक्लूसिव खबरें चाहिए होती हैं, जो केवल एक संवेदनशील पत्रकार ही दे सकता है।
राजीव शर्मा ने कहा कि AI मीडिया के कार्यों में सहायक हो सकता है और डेटा विश्लेषण कर सकता है, लेकिन समाज और पाठकों की वास्तविक धड़कन को समझने का काम केवल पत्रकार ही कर सकता है। इसलिए पत्रकारों को AI से प्राप्त सामग्री को क्रॉस-चेक, वेरिफाई और री-वेरीफाई करना आवश्यक है।

कार्यक्रम की दूसरी मास्टर क्लास में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय में मीडिया कंसल्टेंट अभिषेक जैन ने “सोशल मीडिया के दौर में जनसंपर्क : बदलाव और करियर के अवसर” विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने मीडिया और जनसंपर्क के क्षेत्र में अनेक नए अवसर पैदा किए हैं।
अभिषेक जैन ने सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर, स्ट्रेटेजी मेकिंग, डिजिटल कैंपेन, कंटेंट प्लानिंग और इंटरनेट के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन अपनी सीमाओं का ज्ञान होना आवश्यक है। आज मीडिया के विद्यार्थी डिजिटल माध्यमों का सही उपयोग कर जनसंपर्क के क्षेत्र में नई पहचान बना सकते हैं।
मास्टरक्लास के दौरान दोनों विशेषज्ञों ने डिजिटल मीडिया, जनसंपर्क में बदलती तकनीक और पत्रकारिता में AI के उपयोग से जुड़े विद्यार्थियों के प्रश्नों का भी विस्तार से उत्तर दिया।
कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय पुष्पेंद्र पाल सिंह ‘पीपी सर’ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनके जीवन व शिक्षण से जुड़ी स्मृतियों पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
इस अवसर पर सेज स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की विभागाध्यक्ष वन्या चतुर्वेदी ने पीपी सर से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों के लिए ज्ञान से समाधान तक हर कदम पर साथ खड़े रहने वाले मार्गदर्शक थे। उनका प्रेरणादायी व्यक्तित्व आज भी हम सभी को जीवन में बेहतर करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर जनरल डॉ. आशीष दत्ता, प्रो वाइस चांसलर डॉ. नीरज उपमन्यु, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. लाल बहादुर ओझा, कार्यक्रम के संयोजक रितेश पुरोहित, राहुल चौकसे, हितेश कुशवाहा, आशुतोष सीठा, योगिता सिंह, शानू सिंह सहित परिवार के सदस्य, पीपी सर के पूर्व छात्र और सेज यूनिवर्सिटी के अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन पीपी सर की छात्रा और भाषाविद तृप्ति शुक्ला ने किया।

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