दुनिया (International)देश (National)बिज़नेस
Trending

भारतीय गेहूं की बढ़ी डिमांड, रूस-यूक्रेन जंग है बढ़ी वजह

फर्स्ट हाफ में 40 लाख टन को पार

👆भाषा ऊपर से चेंज करें

 

गेहूं के निर्यात में इस साल तेजी आ सकती है।इसका कारण रूस-यूक्रेन जंग है। विश्व के दो बड़े गेहूं निर्यातक देशों में जंग जारी है। रूस दुनिया में गेहूं निर्यात  करने के मामले में पहले नंबर पर है तो वहीं यूक्रेन पांचवां बड़ा निर्यातक है। जंग की वजह से गेहूं का निर्यात प्रभावित हो सकता है। इस वजह से भारत के पास खरीददारों की पड़ताल बढ़ी हैं।

Free Demat Account

यूक्रेन पिछले एक दशक में बड़ा ग्रेन एक्सपोर्टर बनकर उभरा है।बता दें कि यूक्रेन को गेहूं की टोकरी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल इसके दुनिया में तीसरे नंबर पर रहने की संभावना थी, लेकिन यूक्रेन की सेना ने अपने पोर्ट पर कॉमर्शियल शिपिंग को निलंबित कर दिया है, जिससे ग्रेन और ऑयल सीड एक्सपोर्ट प्रभावित होना तय है। ऐसे में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया भी दुनिया में गेहूं का टॉप सप्लायर बन सकता है।

कई देश गेहूं के लिए इन दोनों पर निर्भर
कजाकिस्तान, जॉर्जिया, तुर्की, इजिप्ट और पाकिस्तान टॉप 5 देश है जो रूस से गेंहूं इंपोर्ट करते हैं। वहीं यमन, लीबिया और लेबनान जैसे देश जो पहले से ही युद्ध से गुजर रहे हैं वो अपने गेहूं के लिए यूक्रेन पर निर्भर है। यमन अपनी खपत का 22% यूक्रेन से इंपोर्ट करता है। लीबिया लगभग 43% और लेबनान अपनी खपत का लगभग आधा गेहूं यूक्रेन से इंपोर्ट करता है। इस टकराव से इन देशों में अस्थिरता और ज्यादा बढ़ सकती है। Read More:ग्राहकों को झटका, इतने रुपये प्रति लीटर बढ़ाए दूध के दाम

भारत के पास गेहूं का बड़ा भंडार
लगातार पांच रिकॉर्ड फसलों के बाद, भारत के पास गेहूं का बड़ा भंडार है। लेकिन, गेहूं के अनफवरेबल ग्लोबल रेट के कारण इसके शिपमेंट में परेशानी आई।  विशेषज्ञों का कहना हैं कि ब्लैक सी बेल्ट दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं सप्लायर है, लेकिन मौजूदा अनिश्चितता को देखते हुए, डिमांड भारत में शिफ्ट हो जाएगी। इसके अलावा, वर्ल्ड मार्केट में गेहूं की उपलब्धता वैसे भी अप्रैल-मई तक सीमित रहती है, और भारत आसानी से इस मौके का फायदा उठा सकता है।

पहली बार भारत के गेहूं के लिए इतनी पूछताछ
ट्रेडर्स ने कहा कि भारत ने साल 2021 में 61.2 लाख टन गेहूं एक्सपोर्ट किया था। अब 2022 के फर्स्ट हाफ में 40 लाख टन अनाज बेचने की संभावना है। एक ग्लोबल ट्रेडिंग फर्म के प्रमुख ने कहा, ‘कई सालों में पहली बार भारत के गेहूं के लिए इतनी इन्क्वायरी आई है।’

इंडियन सप्लायर्स 305 डॉलर से 310 डॉलर प्रति टन में गेहूं का निर्यात कर रहे थे। इस बार उन्हें 330 डॉलर प्रति टन का रेट मिल सकता है। बांग्लादेश, फिलीपींस, साउथ कोरिया और श्रीलंका  भारतीय गेहूं के मुख्य खरीदारों में से हैं, लेकिन लेबनान जैसे नए खरीदार भी भारत की ओर रुख कर सकते हैं।

Tags

Related Articles

Back to top button
Close