कूटनीति से लोकतंत्र तक: दिल्ली विधानसभा में ‘होली मिलन’ में 30+ देशों के राजनयिकों की उपस्थिति
संसदीय विरासत, सांस्कृतिक कार्यक्रम और वैश्विक सहभागिता ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा

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दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित भव्य ‘होली मिलन’ समारोह ने इस वर्ष सांस्कृतिक सद्भाव और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में 30 से अधिक देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों और राजनयिकों की उपस्थिति ने दिल्ली को वैश्विक लोकतांत्रिक राजधानी के रूप में नई पहचान दी।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा, “होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता की शक्ति, लोकतांत्रिक भावना और सत्य की स्थायी जीत का प्रतीक है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की राजधानी के रूप में दिल्ली न केवल कूटनीति, बल्कि संस्कृति और साझा उत्सवों के माध्यम से भी विश्व का स्वागत करती है।”
राजनीतिक व कूटनीतिक हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी सहित कई विधायक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से श्रीलंका, चीन, नेपाल, मॉरीशस, दक्षिण अफ्रीका, रूस, बांग्लादेश और वियतनाम समेत 31 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। श्रीलंका की उच्चायुक्त महामहिम सुश्री प्रदीपा महिषिनी कोलोने, चीन के राजदूत श्री जू फेइहोंग और नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
संसदीय विरासत को नमन: विट्ठल भाई पटेल पर डॉक्यूमेंट्री
समारोह का मुख्य आकर्षण केंद्रीय विधान परिषद के पहले भारतीय अध्यक्ष विट्ठल भाई पटेल पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री की विशेष स्क्रीनिंग रही। इस फिल्म ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारत की संसदीय गरिमा और विधायी स्वतंत्रता की रक्षा में उनके योगदान को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
कथक से मल्लखंब तक: सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां



90 मिनट के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत की विविध कलाओं का शानदार प्रदर्शन हुआ। कथक नृत्य, पारंपरिक कठपुतली कला और मध्य प्रदेश के मल्लखंब ने विदेशी मेहमानों को भारतीय परंपराओं की समृद्ध झलक दिखाई। विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों ने ‘विविधता में एकता’ की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।
सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होली का संदेश
कार्यक्रम के अंत में विजेंद्र गुप्ता ने दिल्लीवासियों को सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होली मनाने की अपील की। उन्होंने हर्बल गुलाल के उपयोग, रासायनिक रंगों से परहेज और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
समारोह का समापन राजनयिकों और गणमान्य अतिथियों के बीच शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के साथ हुआ, जिसने मित्रता, सांस्कृतिक संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों को और सुदृढ़ किया।

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