दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन ने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन, 8 अहम मांगें रखीं
पैनिक बटन, HSRP नंबर प्लेट, ₹20,000 चालान माफी और इनोवा क्रिस्टा रजिस्ट्रेशन को लेकर उठे सवाल

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दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन ने परिवहन से जुड़ी लंबित समस्याओं और कथित भ्रष्टाचारपूर्ण व्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाते हुए दिल्ली की ट्रांसपोर्ट कमिश्नर नियारिका राय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल समाधान की मांग की।
जटिल नियमों से परेशान ट्रांसपोर्टर समुदाय
संजय सम्राट ने कहा कि दिल्ली का ट्रांसपोर्टर समुदाय बीते कई वर्षों से जटिल नियमों, अनावश्यक उपकरणों की बाध्यता और भ्रष्टाचार के कारण आर्थिक व मानसिक दबाव झेल रहा है। उन्होंने सिस्टम में पारदर्शिता, सरल नियम और न्यायपूर्ण व्यवस्था लागू करने की मांग की।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं—
1. डीजल और पेट्रोल वाहनों की वैधता अवधि
जिन वाहनों की आरसी वैध है, उन्हें उनकी पूरी लाइफ अवधि तक चलने की अनुमति दी जाए, चाहे वाहन किसी भी राज्य में पंजीकृत हों।
2. ₹20,000 के चालानों की माफी
एनफोर्समेंट विभाग द्वारा चार्टर्ड अकाउंटेंट रिपोर्ट के आधार पर लगाए गए ₹20,000 के चालानों को पूर्ण रूप से माफ किया जाए।
3. पैनिक बटन डिवाइस पर जांच
पैनिक बटन वर्षों से अप्रभावी साबित हुआ है। इसकी ऊंची कीमत (₹15,000 से ₹20,000) और संभावित करोड़ों के घोटाले को देखते हुए इसे हटाने या इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
4. स्पीड लिमिट डिवाइस की बाध्यता समाप्त हो
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाले वाहनों को हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अन्य वाहनों की तरह 120 किमी/घंटा तक चलने की अनुमति दी जाए और स्पीड लिमिट डिवाइस की अनिवार्यता खत्म की जाए।
5. HSRP नंबर प्लेट घोटाले की जांच
पहले ₹200 में लगने वाली HSRP नंबर प्लेट अब ₹1,000 में लगाई जा रही है। जब तक सभी वाहनों में HSRP नहीं लगती, तब तक फिटनेस और परमिट नवीनीकरण न रोका जाए।
6. इनोवा क्रिस्टा का पंजीकरण खोला जाए
पैनिक बटन और स्पीड डिवाइस की शर्तों के कारण इनोवा क्रिस्टा का दिल्ली में रजिस्ट्रेशन बंद है, जिससे सरकार को अरबों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
7. द्वारका और सराय काले खां में बंद वाहनों की रिहाई
आदेशों के बावजूद जब्त वाहनों को रिहा नहीं किया जा रहा, जिससे वाहन मालिकों और ड्राइवरों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
संजय सम्राट ने बताया कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर नियारिका राय ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मुद्दों को लेकर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को पत्र भेजा जाएगा।
साथ ही पैनिक बटन डिवाइस के लिए न्यूनतम दर वाले वेंडर के चयन की प्रक्रिया अपनाकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात भी कही गई।

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