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बंगाल के हर किसान के बैंक अकाउंट में 18 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए जायेंगे-जे पी नड्डा

"असोल पोरिबोर्तन" ही बंगाल को विकास केपथ पर तेज गति से अग्रसर करेगा

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आज पश्चिम बंगाल के केतुग्राम में विशाल चुनावी रैली को संबोधित किया और पिछले चार चरणों में हुए भाजपा के पक्ष में भारी मतदान की तरह ही अगले चरणों के मतदान में भी भाजपा को भारी जीत दिलाने की अपील की। उन्होंने कटवा में रैली के बाद बर्धमान और कोलकाता नॉर्थ में भव्य रोड शो भी किया।

श्री नड्डा ने बंगाल के सभी नागरिकों को बंगाली नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल के लिए यह केवल नव वर्ष की शुरुआत ही नहीं है बल्कि यह पश्चिम बंगाल में ‘असोल पोरिबोर्तन’ का आगाज भी है और सोनार बांग्ला के स्वप्न को साकार करने का अवसर भी। असोल पोरिबोर्तन से हमारा मतलब है- बंगाल में शांति, स्थिरता और विकास। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि नव वर्ष में आप सब स्वस्थ रहें और सब मंगलमय हो। ‘असोल पोरिबोर्तन’ ही बंगाल को विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर करेगा।

तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी पर जोरदार हमला करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हमला करते हुए कहा कि ममता दीदीमाँ, माटी, मानुषकी बात किया करती थीं लेकिन पिछले 10 वर्षों से उन्होंने न माँ की चिंता की, न माटी की रक्षा की और न ही मानुष की भलाई का सोचा। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार में बंगाल सबसे आगे खड़ा दिखाई देता है। यहाँ तो क्राइम की रिपोर्टिंग तक नहीं होती। तृणमूल सरकार अपराध के आंकड़े ही उपलब्ध नहीं कराती। 80 वर्षीया बुजुर्ग माताजी शोभा मजूमदार जी के साथ तृणमूल संरक्षित गुंडों ने कैसा दुर्व्यवहार किया, इससे तो बंगाल सहित पूरे देश की जनता वाकिफ है। दीदी के मुंह से वृद्धा माताजी की दुखद मौत पर संवेदना के दो शब्द तक नहीं निकले। अपने-आप को बंगाल की दीदी और बेटी बताने वाली ममता बनर्जी ने ने बंगाल की माताओं-बहनों पर अत्याचार होने दिया। 

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल एक जमाने में भारत के आर्थिक केंद्र के रूप में जाना जाता था लेकिन आज विकास में बंगाल काफी पीछे हो गया है। न कोल्ड स्टोरेज है, न अच्छी सड़कें हैं। किसानों की उपज पर आमदनी में तृणमूल संरक्षित बिचौलिए सेंधमारी करते हैं और किसानों का शोषण करते हैं। सारी व्यवस्था चरमरा गई है और दीदी को बंगाल की कोई चिंता नहीं है। किसानों को सिंचाई के लिए अपनी जेब से पैसा लगाना पड़ता है। हमारे लगभग 140 से अधिक कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या कर दी गई और ममता दीदी हाथ पर हाथ धरे बैठी रह गई। हमारी सरकार आने पर हत्यारों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। तृणमूल सरकार ने केंद्र को न तो डेंगू के बारे में सही जानकारी दी और न ही कोरोना के आंकड़े और प्रबंधन में ही केंद्र का सहयोग किया।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी देश के हर किसान के बैंक अकाउंट में सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दे रहे हैं लेकिन बंगाल के किसी भी किसान को यह लाभ नहीं मिल रहा क्योंकि दीदी ने बैंक अकाउंट के साथ किसानों की सूची ही केंद्र सरकार को नहीं सौंपा। बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही पहले ही कैबिनेट बैठक में किसान सम्मान निधि योजना लागू की जायेगी और इसके पिछले किस्तों की बकाये राशि के रूप में बंगाल के हर किसान के बैंक अकाउंट में 18 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए जायेंगे। साथ ही, बंगाल की भाजपा सरकार अलग से कृषक सुरक्षा योजना के तहत राज्य के हर किसान को 4,000 रुपये अलग से देगी। इस तरह पश्चिम बंगाल के हर किसान को प्रति वर्ष 10,000 रुपये आर्थिक सहायता के रूप में प्राप्त होंगे। ममता दीदी ने पश्चिम बंगाल के साढ़े चार करोड़ से अधिक गरीबों को आयुष्मान भारत के लाभ से भी वंचित रखने का पाप किया है। हमारी सरकार बनते ही आयुष्मान भारत योजना को भी लागू किया जाएगा।

श्री नड्डा ने कहा कि ममता दीदी और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने दलित भाइयों के खिलाफ इतने अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया जिसकी चर्चा भी नहीं की जा सकती। तृणमूल के नेताओं ने दलित भाइयों के लिए कहा कि इन्हें जितना भी दो, ये बिक जाते हैं। ममता दीदी के मुंह से ऐसे शर्मनाक बयानों के खिलाफ निंदा के शब्द तक नहीं निकले। ममता दीदी और तृणमूल कांग्रेस के सब के सब नेता दलित विरोधी हैं। तृणमूल कांग्रेस मतुआ समाज, नामशूद्र समाज और राजवंशी समाज की विरोधी है। इन शरणार्थी भाइयों की नागरिकता का भी विरोध करती हैं ममता दीदी। जो पार्टियां दलित हितैषी होने का दंभ भरती थी, उन्होंने भी दलित भाइयों के खिलाफ तृणमूल की अपमानजनक टिप्पणी की भर्त्सना नहीं की। हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और। ये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी है जो सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की बात करती है।

भाजपा अध्यक्ष ने दीदी पर चुनाव आयोग के प्रतिबंध की चर्चा करते हुए कहा कि दीदी को 24 घंटे तक मौन रहना पड़ा लेकिन दीदी ने सुरक्षा बलों को घेर लेने और उन पर हमला के लिए लोगों को उकसाया था, यह ध्यान होना चाहिए। जब संविधान की शपथ लेने वाला ही संविधान की अवहेलना पर उतारू हो जाय, जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, संविधान के खिलाफ बोले, केंद्रीय सुरक्षा बलों के खिलाफ बोले तो वह राज्य कैसे प्रगति कर सकता है! हमने तो आज तक ऐसा नहीं देखा। इतना ही नहीं, ममता दीदी ने एक समुदाय के लोगों से इकट्ठे हो जाने की अपील की, क्या समाज को बांटने की नीति से समाज का विकास हो सकता है?

श्री नड्डा ने आखिर में कहा कि ममता दीदी ने तोलाबाजी, तानाशाही, तुष्टिकरण और सिंडिकेट राज अपने शासन का पर्यायवाची बना डाला। तृणमूल के सिंडिकेट बालू लूट गए, कोयले की चोरी की। इतना ही नहीं, इन्होंने तो अम्फान रिलीफ फंड और कोरोना काल में गरीबों के लिए भेजे गए अनाज की भी चोरी की। इस सबसे यदि बंगाल को मुक्ति चाहिए तो इसका एक ही तरीका है – कमल के निशान पर बटन दबाना।

आगे तस्वीरों में देखिये भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे.पी. नड्डा ने किया गलसी (पश्चिम बंगाल) में रोड शो…

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