साहित्य
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एक दर्शन है भक्ति साहित्य के हर शब्द के पीछे -उल्फ़त मुहीबोवा
साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित प्रवासी मंच कार्यक्रम में बुधवार को ताशकंद से पधारी विद्वान उल्फ़त मुहीबोवा ने मध्यकालीन हिंदी साहित्य…
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इमरोज़ को सिर्फ़ ख़्वाब होना चाहिए, हक़ीक़त नहीं- दामिनी यादव
खिड़कियां खोलो तो हवा के झोंकों के साथ कुछ धूल-मिट्टी, कुछ कीट-पतंगे भी आ ही जाते हैं और अगर ऐसा…
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फिर से आज भारत को बापू की ज़रूरत है- अना देहलवी
साहित्य अकादमी द्वारा सोमवार को ‘नारी चेतना’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उर्दू की पाँच मशहूर शायराओं शबाना नज़ीर,…
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रेवतदान एक क्रातिकारी कवि: के.एल. श्रीवास्तव
राजस्थानी के कालजयी कवि रेवतदान चारण जन्म शताब्दी राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ शनिवार को जोधपुर में हुआ। साहित्य अकादमी एवं…
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