बंजारा समाज की एकता का महाकुंभ बना दिल्ली, संकल्प यात्रा का भव्य समापन
21 दिनों में 7,000 किलोमीटर की यात्रा कर 18 राज्यों से होते हुए दिल्ली पहुंची ऐतिहासिक बंजारा एकता संकल्प यात्रा

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देशव्यापी सामाजिक जागरण, शिक्षा, सामाजिक अधिकारों और बंजारा समाज की एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित बंजारा एकता संकल्प यात्रा का सोमवार को दिल्ली के कर्नाटक संघ सभा भवन में भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक नेताओं और देशभर से आए हजारों समाजबंधुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में समाज की एकता, शिक्षा, संवैधानिक अधिकारों और समावेशी विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण संकल्प लिए गए।
सेवागढ़ से शुरू होकर 18 राज्यों का किया भ्रमण
यह ऐतिहासिक यात्रा 5 जुलाई 2026 को संत श्री सेवालाल महाराज की जन्मस्थली सेवागढ़ (गुत्ती, आंध्र प्रदेश) से प्रारंभ हुई थी। 21 दिनों में लगभग 7,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यह यात्रा 18 राज्यों और 80 से अधिक जिलों से होकर दिल्ली पहुंची। यात्रा का उद्देश्य समाज में शिक्षा, सामाजिक सुधार, संगठन, संवैधानिक अधिकारों और राष्ट्रीय समरसता का संदेश पहुंचाना था।
शिक्षा और संगठन से होगा समाज का उत्थान : सत्य कुमार यादव
समारोह को संबोधित करते हुए आंध्र प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सत्य कुमार यादव ने संत श्री सेवालाल महाराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले उन्होंने सेवागढ़ जाकर संत का आशीर्वाद लिया था। समाज के सहयोग और संतों के आशीर्वाद से उन्हें विधायक बनने और बाद में मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता ही बंजारा समाज के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से नशामुक्त जीवन अपनाने, सामाजिक कुरीतियों को छोड़ने और शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। मंत्री ने विश्वास दिलाया कि यात्रा के दौरान समाज द्वारा उठाई गई छह प्रमुख मांगों को वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अवश्य पहुंचाएंगे।
समाज की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं : राष्ट्रीय संयोजक

यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक श्री श्री महाराज ने कहा कि बंजारा समाज की प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन समाज की सबसे बड़ी शक्ति है और समाज को प्रेम, भाईचारे तथा एकता के साथ आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने घोषणा की कि आने वाले महीनों में वे विभिन्न राज्यों का व्यापक दौरा करेंगे और समाज की समस्याओं को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से सरकारों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाएंगे। साथ ही उन्होंने समाज से अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने का आह्वान किया।
पूर्व सांसद डॉ. उमेश जी. जाधव ने रखीं छह प्रमुख मांगें
पूर्व सांसद (कलबुर्गी) डॉ. उमेश जी. जाधव ने कहा कि बंजारा एकता संकल्प यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि सामाजिक अधिकारों और सम्मान के लिए चलाया गया राष्ट्रीय जनआंदोलन है। उन्होंने यात्रा के माध्यम से समाज की छह प्रमुख मांगों को दोहराया।
बंजारा समाज की छह प्रमुख मांगें
- देशभर में सभी बंजारा उपसमूहों को समान रूप से अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिया जाए।
- गोर बोली को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
- आगामी राष्ट्रीय जातीय जनगणना में सभी उपसमूहों की पहचान एक समान “बंजारा” नाम से दर्ज की जाए।
- बंजारा तांडों और समाज के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय बंजारा/तांडा विकास निगम की स्थापना की जाए।
- युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सशक्तिकरण की विशेष योजनाएं लागू की जाएं।
- संत श्री सेवालाल महाराज की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जाएं।
डॉ. जाधव ने कहा कि इन मांगों के पूरा होने से बंजारा समाज को सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकार और समावेशी विकास की दिशा में नई शक्ति मिलेगी।
शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर समाज बनाने का लिया संकल्प

समारोह के अंत में आयोजकों ने संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राज्यों से आए सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और देशभर के लाखों समाजबंधुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही एक शिक्षित, संगठित, सशक्त और आत्मनिर्भर बंजारा समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प दोहराया गया। आयोजन में यह संदेश दिया गया कि सामाजिक एकता, शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों के माध्यम से ही समाज का समग्र विकास संभव है।

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